झारखंड : टाटीसिलवे रेलवे स्टेशन पर चार ट्रेनों के ठहराव को मिली मौखिक सहमति

January 20, 2018, 2:02 PM
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वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचे दक्षिण-पूर्व रेलवे के जीएम काे लोगों ने ज्ञापन साैंपा
रांची : टाटीसिलवे रेलवे स्टेशन के निरीक्षण पर शुक्रवार को अाये दक्षिण-पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) एसएन अग्रवाल को स्थानीय लोगों ने ज्ञापन सौंपा. शैलेश मिश्रा के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने रेल जीएम से कुल 10 यात्री ट्रेनों के ठहराव की मांग की है. हालांकि, फिलहाल चार ट्रेन का ठहराव अविलंब शुरू करने का अनुरोध किया है. इसके अलावा बंद अारक्षण काउंटर खोलने का भी आग्रह किया गया.
श्री मिश्रा के मुताबिक जीएम ने उक्त चार ट्रेनों :  पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, हटिया-पटना सुपर फास्ट, रांची-आनंद विहार स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस तथा मौर्य एक्सप्रेस के ठहराव की मौखिक सहमति दे दी है. रेल जीएम ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि टाटीसिलवे जंक्शन बनने जा रहा है. इसके बाद कई गाड़ियां यहां रुकेंगी. अारक्षण काउंटर तत्काल खोले जाने की मांग पर जीएम ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा है.
लंबे समय से हो रही है मांग : गौरतलब है कि दीपाटोली मिलिट्री कैंप व विभिन्न पर्यटक स्थलों के समीप के इस टाटीसिलवे रेलवे स्टेशन पर जरूरी गाड़ियों के ठहराव की मांग वर्षों से हो रही है. इस संबंध में डीआरएम हटिया व अन्य अधिकारियों को पूर्व में कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है. जीएम से मिलने वाले स्थानीय लोगों में फुल कुमारी देवी, माधुरी देवी, अनिल लिंडा, सानिल, गंगा सिंह, शिवजी सिंह, बीरेंद्र, रोहित व रामजी पांडेय सहित अन्य शामिल थे.
मार्च-अप्रैल तक होगी रांची में नये अधिकारी की तैनाती: महाप्रबंधक
रांची : मार्च-अप्रैल तक राज्य में रेलवे की परियोजनाओं की देखरेख के लिए रांची में एक अधिकारी तैनात कर दिये जायेंगे. यह जानकारी दक्षिण-पूर्व रेलवे के जीएम एसएन अग्रवाल ने शुक्रवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. रांची को रेलवे का नया जोन बनाने की बात हो रही है.
जब तक जोन नहीं बन जाता अथवा यहां संबंधित कार्यालय नहीं खुल जाता, तब तक एक अधिकारी राज्य के अंदर चलनेवाली रेल परियोजनाअों को देखेंगे अौर उसकी समीक्षा कर रेलवे के अधिकारी व राज्य सरकार को सूचित करेंगे.
नये एलएचबी कोच के साथ फरवरी से चलेंगी ट्रेनें : श्री अग्रवाल ने बताया कि फरवरी में रांची-मुंबईऔर हटिया-पुणे एक्सप्रेस नये एलएचबी कोच के साथ चलने लगेगी. उन्होंने बताया एक जोन से क्लियरेंस नहीं मिला है.
उससे अनुमति मिलते ही इसे चला दिया जायेगा. रांची को दो सेट नया एलएचबी कोच मिला है. जल्द ही अन्य नये कोच भी मिलने की संभावना है. उन्होंने कहा कि रांची व हटिया रेलवे कॉलोनी की समस्याएं जल्द ही दूर होंगी. वहीं रांची में आवश्यकतानुसार क्वार्टर बनाये जायेंगे. श्री अग्रवाल ने बताया कि निरीक्षण काफी संतोषप्रद रहा. इस दौरान रेलकर्मियों की समस्याएं भी सुनी गयी.
प्रेस वार्ता की मुख्य बातें
चांडिल लाइन में पहले 95 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलती थी. आज 120 से 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलायी गयी. यह लाइन इसके लिए फिट है. जल्द ही स्पीड बढ़ा दी जायेगी.
भुवनेश्वर-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस का  ठहराव मुरी में करने के संबंध में पहले ही रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव दिया जा चुका है. उम्मीद है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जायेगी.
रांची में आइआरसीटीसी का बेस किचेन जल्द काम करने लगेगा. रांची रेलवे स्टेशन में सेकेंड साइड गेट बनाने की सभी प्रक्रिया पूरी हो गयी है. राज्य सरकार से सड़क चौड़ीकरण का एनअोसी मिल गया है.
प्रेस वार्ता में ये थे मौजूद : जोन के वरीय अधिकारियों में  सुचितो दास, पुरणमल, जया वर्मा, जरीना फिरदौस, सौमित्र मजमूदार, आरपीएफ के आइजी एसके सिन्हा, संजय बोस, रेल मंडल के डीआरएम वीके गुप्ता, एडीआरएम विजय  कुमार के अलावा एडीआरएम अजित सिंह यादव सहित अन्य अधिकारी.
विभिन्न संघों के प्रतिनिधियों ने जीएम को ज्ञापन सौंपा
रांची : रेलवे के आरपीएफ एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में दक्षिण-पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा. इसमें केके सिंह सहित अन्य शामिल थे. दक्षिण-पूर्व रेलवे मेंस यूनियन के मंडल समन्वयक डी नाथ व मेंस कांग्रेस के संयुक्त महासचिव चंचल कुमार सिंह ने अपने-अपने एसोसिएशन की अोर से मांग पत्र महाप्रबंधक को सौंपा. डीआरयूसीसी सदस्य संदीप नागपाल तथा विनय जयसवाल ने महाप्रबंधक से मुलाकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की.
साथ ही हटिया रेलवे स्टेशन में  दूसरी तरफ सुधा डेयरी के तरफ से हटिया रेलवे स्टेशन का इंट्रेंस बनाने की मांग की. रांची. लॉन्ड्रीकर्मियों ने अपनी समस्याअों की अोर महाप्रबंधक का ध्यान आकृष्ट कराया. जब महाप्रबंधक के समक्ष अभद्र व्यवहार और धमकी देने का मामला उठाया, तो उन्होंने कहा कि वे पूरे मामले की जांच करवायेंगे अौर जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
उधर, इस संबंध में ठेकेदार प्रकाश सिंह चटनी ने कहा कि किसी का भी कोई पैसा बकाया नहीं है. उक्त तिथि की घटना के संबंध में उन्होंने कहा कि उस दिन लॉन्ड्रीकर्मी बेड रोल नहीं चढ़ा रहे थे अौर गरीब रथ एक्सप्रेस विलंब होता, जिसे देखते हुए उनके साथ बातचीत के क्रम में ऐसा हो गया. उन्होंने पूर्व में ही बकाये का भुगतान कर दिया था.

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