गुवाहाटी को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली असम की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी को झंडी

June 2, 2023, 6:05 PM
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली असम की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी को झंडी दिखाकर रवाना किया

नए विद्युतीकृत खंड और नवनिर्मित डेमू/मेमू शेड समर्पित किए

“पूर्वोत्तर की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस से पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढावा मिलेगा”

पिछले 9 वर्ष में न्यू इंडिया के निर्माण की अभूतपूर्व उपलब्धियां रहीं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से असम की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया। वंदे भारत एक्सप्रेस गुवाहाटी को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ेगी और इस यात्रा में 5 घंटे 30 मिनट का समय लगेगा। प्रधानमंत्री ने नए विद्युतीकृत खंड के 182 किलोमीटर मार्ग को समर्पित किया और असम के लुमडिंग में एक नवनिर्मित डेमू/मेमू शेड का उद्घाटन भी किया।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी के लिए आज का दिन विशिष्‍ट है क्योंकि तीन विकास कार्य एक साथ संपन्‍न हुए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज पूर्वोत्तर को अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस मिल रही है, यह तीसरी वंदे भारत एक्सप्रेस है जो पश्चिम बंगाल को जोड़ती है। दूसरे, असम और मेघालय में लगभग 425 किलोमीटर रेल पटरियों का विद्युतीकरण किया गया है। और तीसरी बात, असम के लुमडिंग में एक नए डेमू/मेमू शेड का उद्घाटन किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत रेलगाड़ी से असम और पश्चिम बंगाल के बीच सदियों पुराने संबंध और सुदृढ़ होंगे। इससे यात्रा में सुविधा होगी और छात्र लाभान्वित होंगे तथा पर्यटन और व्यवसाय से नौकरी के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्‍सप्रेस से मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा, मानस राष्ट्रीय उद्यान और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य एक दूसरे से जुडेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इससे शिलांग, मेघालय में चेरापूंजी और अरुणाचल प्रदेश में तवांग तथा पासीघाट में यात्रा और पर्यटन में वृद्धि होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने से देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्य सर्वाधिक लाभान्वित हुए । अब मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, मेघालय और सिक्किम की राजधानियों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा जा रहा है, “बहुत शीघ्र पूर्वोत्तर की सभी राजधानियों को ब्रॉड गेज नेटवर्क से जोड़ा जा रहा हैं ।” उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं पर एक लाख करोड़ रुपये का व्‍यय किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने विकास की गति को श्रेय देते हुए कहा कि इस कारण पूर्वोत्तर के दूरदराज के इलाके रेलवे से जुड़ गए। उन्होंने बताया कि नागालैंड को लगभग 100 वर्षों के बाद अपना दूसरा रेलवे स्टेशन मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत सेमी हाई-स्पीड रेलगाड़ी और तेजस एक्सप्रेस उसी मार्ग पर चल रही हैं जहां कभी धीमी गति से चलने वाली एक छोटी गेज लाइन थी। उन्होंने पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने भारतीय रेलवे के विस्टा डोम कोच का भीउल्‍लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय रेलवे गति के साथ-साथ लोगों के दिलों, समाजों और अवसरों को एकसूत्र में जोड़ने का माध्यम बन गई है ।’’ गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर पहली ट्रांसजेंडर चाय की दुकान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह समाज से बेहतर व्यवहार की उम्मीद करने वालेलोगों को सम्मान का जीवन प्रदान करने एक प्रयास है। ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ योजना के अंतर्गतपूर्वोत्तर में रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल लगाए गए हैं जो वोकल फॉर लोकल पर बल देते हैं। इससे स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और शिल्पकारों को एक नया बाजार प्रदान किया जाता है। उन्होंने पूर्वोत्तर के सैकड़ों स्टेशनों पर दी जाने वाली वाई-फाई सुविधाओं का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और गति के इस संयोजन से ही पूर्वोत्तर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा।

पृष्ठभूमि

अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस पूर्वोत्‍तर के लोगों को गति और सुविधा के साथ यात्रा की सुंविधा प्रदान करेगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गुवाहाटी को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली यह रेलगाड़ी यात्रा समय में एक घंटे की बचत करेगी। वंदे भारत एक्‍सप्रेस से यात्रा में 5 घंटे 30 मिनट का समय लगेगा जबकि यही यात्रा इस समय चलने वाली सर्वाधिक तेज गति की रेलगाड़ी से 6 घंटे 30 मिनट के समय में पूरी होती है।

प्रधानमंत्री ने नए विद्युतीकृत खंड के 182किलोमीटर मार्ग को समर्पित किया। इससे प्रदूषण मुक्त परिवहन की सुविधा और समय की बचत होगी। यह मेघालय में प्रवेश करने के लिए विद्युत कर्षण पर चलने वाली रेलगाडि़यों के लिए मार्ग प्रशस्‍त करेगा।

प्रधानमंत्री ने असम के लुमडिंग में नवनिर्मित डेमू/मेमू शेड का भी उद्घाटन किया। यह नई सुविधा इस क्षेत्र में परिचालित डेमू रेक के रखरखाव में मदद करेगी इससे बेहतर परिचालन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

 

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