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रेलवे इलेक्ट्रिक फॉल्ट की सटीक जानकारी देगा ‘स्काडा’

October 6, 2020, 10:33 AM
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रेलवे के तीन युवा इंजीनियरों ने इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन में खामियों का पता लगाने के लिए एक अनोखा सिस्टम तैयार किया है। बहुत ही कम खर्च में तैयार स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंडा डाटा एक्विजिशन) सिस्टम ट्रेन संचालन में बिजली आपूर्ति की खामियों की सटीक और त्वरित जानकारी देगा। मुरादाबाद रेल मंडल में नजीबाबाद और कोटद्वार (उत्तराखंड) के बीच इसका ट्रायल चल रहा है, जिसके प्रारंभिक नतीजे सफल रहे हैं।

रेलवे में आपातस्थिति में इलेक्ट्रिक इंजन नियंत्रण के लिए अभी भूमिगत आप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाती है। चिह्नित रेलवे स्टेशन पर लगे नियंत्रण सिस्टम को इसके जरिये जोड़ा जाता है। ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन के क्षतिग्रस्त होने या दुर्घटना की स्थिति में यह तुरंत कंट्रोल रूम को सिग्नल भेजकर बिजली आपूर्ति को रोक देता है। रेलवे को एक किमी भूमिगत केबल बिछाने में तीन लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। साथ ही इसके रखरखाव पर भी एक बड़ा खर्च हर माह आता है।

इस खर्च को कम करने के लिए मुरादाबाद रेल मंडल में तैनात इंजीनियर प्रवर मंडल संकेत कुमार, दूरसंचार अभियंता नितिन कुमार और प्रवर मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) जितेंद्र कुमार ने नया प्रयोग किया। उन्होंने मोडम और मोबाइल में लगने वाले सिम कार्ड को जोड़कर स्काडा सिस्टम तैयार किया। नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच के तीन स्टेशनों परस्काडा को ट्रैक्श न पावर कंट्रोल सिस्टम में लगाकर ट्रायल शुरू किया। प्रारंभिक नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले हैं। अभी यह ट्रायल कुछ दिन और चलेगा। इसके बाद परीक्षण के लिए इसे रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) भेजा जाएगा।

Source – Jagran

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