अधिकारी ने कबाड़ में बेच दी लाखों की रेल पटरी

October 17, 2023, 12:39 PM
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मध्य प्रदेश में एक रेलवे अधिकारी ने अपने कर्मचारी के साथ मिलकर विभाग का 42 टन स्क्रैप बिना टेंडर के बेच दिया. आरोपियों ने रेलवे का स्क्रैप बिना टेंडर के अवैध तरीके से नागपुर की एक फर्म को बेचा था. आरपीएफ ने रेलवे अधिकारी और कर्मचारी को गिरफ्तार किया है. वहीं, स्क्रैप खरीदने वाली फर्म के संचालक सहित तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया है.

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रेलवे के एक अधिकारी ने कर्मचारी के साथ मिलकर रेलवे को लाखों रुपयों का चूना लगा दिया. अधिकारी ने अपने कर्मचारी के साथ मिलकर रेलवे का 42 टन स्क्रैप बिना टेंडर निकाले बेच दिया. बेचे गए स्क्रैप की कीमत करीब 25 लाख रूपये बताई जा रही है. इसकी जांच के लिए मध्य रेलवे मुंबई के आरपीएफ आईजी अजय सदानी बुरहानपुर पहुंचे हैं.

मध्य रेल के भुसावल मंडल के बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत सीनियर सेक्शन इंजीनियर हरेंद्र कुमार और ट्रैकमैन भरत कुमार द्वारा बिना टेंडर के 42 टन रेल पटरी का लोहा बेच दिया. मामले का खुलासा हुआ तो विभाग में हडकंप मच गया. मामले की जांच करने मध्य रेलवे मुंबई के आरपीएफ आईजी अजय सदानी खुद बुरहानपुर पहुंचे. उन्होंने मामले की बारिकी से जांच की.

बिना टेंडर के बेच दिया लोहा

7 अक्टूबर को सीनियर सेक्शन इंजीनियर हरेंद्र कुमार और ट्रैकमैन भरत कुमार ने करीब 42 टन लोहे से बनी रेलवे की पटरी को बिना टेंडर के महाराष्ट्र के नागपुर की एक फर्म को बेच दिया. लोहा पकडा गया तब आरपीएफ क्राईम ब्रांच भुसावल हरकत में आई. उन्होने बुरहानपुर आरपीएफ की मदद से दोनो आरोपियों को गिरफ्तार किया.

फर्म के मालिक को भी किया गिरफ्तार

आरपीएफ ने रेलवे का लोहा बेचने वाले आरोपियों के साथ इसे खरीदने वाली फर्म एआर ट्रेडर्स के मालिक को भी गिरफ्तार किया है. आरपीएफ ने फर्म संचालक अब्दुल रसीद पिता अब्दुल अजीज, शाहनवाज पिता सलीम व राहुल पिता रामनाथ को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 42 टन लोहा भी बरामद किया गया है.

इस तरह कर दिया घोटाला

7 अक्टूबर को रेलवे का लोहा गलत तरीके से बेचा गया था. करीब 42 टन लोहा वाघोड़ा रावेर के रेल लाइन के पास रखा था. यह स्क्रेप की श्रेणी में था. इसकी कीमत करीब 25 लाख रूपए से अधिक बताई जा रही है. सीनियर सेक्शन इंजीनियर और ट्रैकमैन ने इसे ट्रकों के माध्यम से लोड कराकर नागपुर की एक फर्म एआर ट्रेडर्स को बेच दिया. 10 अक्टूबर को इसकी सूचना भुसावल रेलवे क्राइम ब्रांच को लगी. इस पर क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर एलके सागर के नेतृत्व में जांच शुरू की गई. 11 अक्टूबर को वेरीफाई हुआ कि रेलवे का लोहा गलत तरीके से बेचा गया है. नियमानुसार इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है. आरपीएफ पुलिस नागपुर से लोहा जब्त कर लाई है.

   
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