देश का सबसे शक्तिशाली रेल इंजन

December 7, 2021, 5:03 PM
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भारतीय रेलवे ने 12000 HP(Horse Power)  का अपना सबसे शक्तिशाली ‘Made In India’ इंजन सफलतापूर्वक चलाया। यह भारतीय रेलवे के लिए गर्व का पल है, क्योंकि भारत दुनिया का छठा ऐसा देश है जो स्वदेश में ही ज्यादा Horse Power का इंजन बनाने वाले देशों के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो गया है। पूरी दुनिया में पहली बार बड़ी रेल लाइन पर उच्च Horse Power के इंजन का संचालन किया गया है। यह इंजन ‘Make In India’ कार्यक्रम के तहत निर्मित किया गया है । Madhepura Electric Locomotive Private Limited (MELPL) द्वारा निर्मित इंजन का संचालन Pandit Deendayal Upadhyay Junction से किया गया। ये इंजन अत्‍याधुनिक IGBT आधारित, 3-Phase Drive और 12000 Horse Power वाले Electronic Engine हैं । ये उच्च हॉर्स पावर वाले इंजन मालवाहक ट्रेनों की औसत गति और लदान क्षमता बढ़ाकर अत्यधिक इस्तेमाल वाली पटरियों पर भीड़ कम करने में मदद करेंगे।

इंजन का नाम WAG12 नंबर 60027 है। इस रेल इंजन ने 18 मई, 2020 को Deendayal Upadhyay Station से Shivpur के बीच अपनी पहली दौड़ लगाई है, जिसमें 118 वैगन जुड़े हुए थे।  मधेपुरा फैक्‍ट्री गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों के साथ तैयार की गई सबसे बड़ी एकीकृत नई (Greenfield) unit है। 120 इंजनों (Locomotive) की उत्पादन क्षमता वाला यह कारखाना 250 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।

यह इंजन Dedicated Freight Corridor के लिए कोयला रेलगाड़ियों की आगे की आवाजाही के लिए एक Game Changer साबित होगा। इसमें लगे हुए Software और Antenna के माध्यम से इसके रणनीतिक उपयोग के लिए इंजन पर GPS के जरिए करीबी नजर रखी जा सकती है। Microwave link के माध्यम से जमीन पर server के जरिए Antenna उठाया जाता है।

यह इंजन पारंपरिक OHE लाइनों वाली रेलवे पटरियों के साथ-साथ अत्‍यंत ऊंची OHE Lines वाले समर्पित माल गलियारों (Dedicated Freight Corridor) पर भी परिचालन करने में सक्षम है। इंजन में दोनों ही तरफ वातानुकूलित Driver cab हैं। इंजन Regenerative braking system से लैस है जो परिचालन के दौरान पर्याप्त ऊर्जा बचत सुनिश्चित करता है।

दुनिया में सबसे शक्तिशाली Electronic Engines में से एक होने की बदौलत यह मालगाड़ियों की गति बढ़ा देगा और इसके साथ ही देश भर में पहले से कहीं ज्‍यादा तेज, सुरक्षित और भारी मालगाड़ियों की आवाजाही सुनिश्चित करेगा, जिससे यातायात में भीड़-भाड़ कम होगी। । परियोजना के तहत  बिहार के मधेपुरा में प्रति वर्ष 120 इंजनों के निर्माण की क्षमता वाले कारखाने के साथ Township भी स्थापित की गई है। यह परियोजना देश में 10,000 से भी अधिक Direct and Indirect Jobs का सृजन करेगी। कंपनी द्वारा परियोजना में पहले ही 2000 करोड़ रुपये से भी अधिक का निवेश किया जा चुका है।

इस कारखाने के साथ  मधेपुरा में सामाजिक-आर्थिक विकास को भी इस परियोजना द्वारा नई गति दी जा रही है। CSR पहल के तहत मधेपुरा में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अनेक Skill center स्थापित किए जा रहे हैं।

यह परियोजना वर्ष 2018 में शुरू हुई और भारत के प्रधानमंत्री ने 10 अप्रैल 2018 को इस परियोजना का उद्घाटन किया। इंजन के प्रारूप की डिलीवरी मार्च 2018 में की गई थी।  पूरे इंजन के डिजाइन कार्य को चार से छह माह के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया और शुरुआती दिक्‍कतों तथा Covid-19 महामारी के प्रकोप के बावजूद भारतीय रेलवे की इस उत्‍कृष्‍ट पहल से जुड़ा उत्‍साह कम नहीं हुआ और सभी बाधाओं को पार करते हुए मधेपुरा फैक्ट्री में इस परियोजना पर काम फिर से शुरू करने

 

के लिए बिहार सरकार से अनुमति पाने में आखिरकार सफलता मिल ही गई।

 

 

 

 
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