खुशखबरीः ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर को मिली हरी झंडी, दो चरणों में होगा निर्माण, ये है प्रोजेक्ट

January 23, 2019, 2:32 PM
Share

चंडीगढ़ में ट्रिब्यून राउंड अबाउट पर फ्लाईओवर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। बीते एक साल से अधर में लटके इस प्रोजेक्ट को मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे ने हरी झंडी दे दी है। मंत्रालय की ओर से शहर में बनने वाले ट्रिब्यून फ्लाईओवर के पहले चरण के लिए 386 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। दो साल में पहले चरण का काम पूरा हो जाएगा। खास बात यह है कि प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा के प्रयासों से यह प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। फिलहाल यूटी प्रशासन प्रशासन को अभी मंत्रालय की फाइल मिली नहीं है।

बताया जा रहा है कि मंत्रालय से फाइल आते ही फरवरी माह से फ्लाईओवर का काम शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि हाल ही में एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर के संदर्भ में मंत्रालय से बात करने के संकेत दिए थे। बताया जाता है कि एडवाइजर ने प्रशासन की ओर से लेटर भी मंत्रालय को भेजा था। इसी के तहत मंत्रालय की ओर से तेजी दिखाई गई। अब प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन जल्द ही इसके लिए टेंडर मांगेगा। प्रोजेक्ट की पूरी लागत मंत्रालय ही वहन करेगा। फंड की स्वीकृति के साथ ही अब प्रोजेक्ट को शुरू होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

दो चरणों में बनेगा फ्लाईओवर
ट्रिब्यून चौक पर बनने वाला फ्लाईओवर दो चरणों में बनेगा। पहले चरण में ट्रिब्यून चौक की ओर जीएमसीएच राउंड अबाउट के 300 मीटर पहले से रेलवे ओवरब्रिज तक 1.5 किलोमीटर तक बनेगा। दूसरे चरण में यह जीरकपुर फ्लाईओवर तक करीब 5 किलोमीटर तक बनने का प्रस्ताव है। इसके अलावा चंडीगढ़ से जीरकपुर तक एलेवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव है।

नितिन गडकरी ने की थी घोषणा
बता दें कि वर्ष 2016 में चंडीगढ़ दौरे के दौरान मंत्रालय के मुखिया नितिन गडकरी ने ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। इस मुद्दे को स्थानीय सांसद किरण खेर की ओर से उठाया गया था। ट्रिब्यून चौक पर 1.5 किलोमीटर तक बनने वाले फ्लाईअओवर के लिए मंत्रालय के द्वारा 250 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे लेकिन सांसद किरण खेर की मांग पर गडकरी ने इसका बजट बढ़ाकर 386 करोड़ रुपये कर दिया। खेर ने फ्लाईओवर के निर्माणकार्य को लेकर कई बार गडकरी से मुलाकात भी की है।

ट्रिब्यून फ्लाईओवर को मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करके जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

Source – Amar Ujala

   
Disclaimer: Disclaimer: The Information, News, Videos, Articles, and other content provided on this platform have been collected, compiled, or referenced from various sources available in the public domain. We believe that “Knowledge Is Power” and our aim is to create general awareness among people and make useful information easily accessible to everyone. While we make reasonable efforts to present information accurately and responsibly, we do not guarantee that all information, news, videos, or other content published on this platform is complete, current, or free from errors. Users are advised to independently verify important information from official or authoritative sources before relying upon it or taking any action based on it. NOTE: The content on this platform is intended for general information and awareness purposes only and should not be considered as professional, legal, financial, medical, or official advice. Knowledge Hub Information Center does not assume responsibility for any loss, damage, or consequence arising from reliance on information published on this platform.
Share

This entry was posted in 2 Railway Employee, Freight Service, General, Public Facilities

General - Public

Raipid Rail क्या है? कैसे बदलेगा शहरों का भविष्य | Delhi-Meerut RRTS पूरी जानकारी

view all>>