भारत की शान हैं ये 10 रेलवे स्टेशन!

May 11, 2020, 11:26 AM
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भारत के किसी भी कोने में आपको वास्तुकला के अनोखे नमूने देखने को मिल जायेंगे। सुन्दर शिल्पकारी बस मंदिर, मस्जिद या किले में ही नहीं देखने को मिलती है बल्कि आप में से कम ही लोगों को पता होगा की भारत में कई ऐसे रेलवे स्टेशन भी हैं जो अपनी बनावट और वास्तुशिल्प के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। यह तो आपको पता ही होगा की भारत का रेलवे नेटवर्क विश्व में सबसे बड़ा है। हज़ारों छोटे-छोटे गांव और शहरों को साथ में जोड़ना भी एक विशाल कार्य है। पर जिस तरीके से रेलवे ने कई शहरों में पुराने समय में खूबसूरत रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया वह देखने लायक हैं। आज भी इन रेलवे स्टेशनों को विंटेज बिल्डिंग्स मlना जाता है। आईये जानें भारत में ऐसे कौन से खूबसूरत रेलवे स्टेशन हैं जहाँ आप सफर कर सकते हैं, लेकिन हालात बेहतर होने के बाद।

1. चारबाग रेलवे स्टेशन
इन सुन्दर रेलवे स्टेशनों की सूची में सबसे पहले आता है लखनऊ का चारबाग़ रेलवे स्टेशन। चारबाग़ का हिंदी में मतलब ही है चार बगीचे। यह अंग्रेज़ों के समय की एक भव्य ईमारत है जो कि बाहर से जितनी विशाल अंदर से उतनी ही सुन्दर है। कहते हैं की इसकी वास्तुकला में आपको मुग़लिआ, राजपूत और अवधि संस्कृति की झलक मिलेगी। अगर आपको इस रेलवे स्टेशन को कभी ऊपर से देखने का मौका मिले तो यह शतरंज की बिसात जैसा लगता है और लम्बे-लम्बे खम्बे और नीचे बने हुए गुम्बद शतरंज के खिलाडियों जैसे प्रतीत होते हैं। है न यह अनोखा नज़ारा?

2. कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन
कानपुर रेलवे स्टेशन को भारत का ना सिर्फ एक बड़ा बल्कि सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन भी माना जाता है। ये भारत के 4 केंद्रीय रेलवे स्टेशनों में से एक है। यह एक पुराना रेलवे स्टेशन है जो की 1928 में बनाया गया था। इस रेलवे स्टेशन के वास्तुशिल्प की प्रेरणा भी लखनऊ के चारबाग़ रेलवे स्टेशन से ली गयी थी।

3. बनारस जंक्शन
बनारस के लिए पहली बार हावड़ा से ट्रेन चली थी दिसंबर 1862 में। यह अपने किस्म की पहली 541 मील लंबी लाइन पर बंडल, बर्दवान, राजमहल और पटना से होते हुए आयी। गंगा के साथ साथ छोटे तटों के बीच से जाती इस ट्रेन के लिए यही रास्ता उचित समझा गया क्योंकि उस समय भारत में बहुत पुराने रेलवे इंजन हुआ करते थे। बनारस का रेलवे स्टेशन गंगा के दाएं किनारे पर बनाया गया। जब आप इस रेलवे स्टेशन को बाहर से देखते हैं तो यह किसी भव्य मंदिर सा प्रतीत होता है। इस ईमारत के ठीक ऊपर एक बड़ा सा चक्र भी स्थापित किया गया है। इस चक्र में की रंगीन लाइटें जाली रहती हैं।

4. घुम रेलवे स्टेशन
घुम रेलवे स्टेशन भारत का सबसे ऊँचा रेलवे स्टेशन है और विश्व में यह 14 वें नंबर पर आता है। घूम रेलवे स्टेशन दार्जीलिंग से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ पर अब सिलीगुड़ी से आने वाली ट्रैन नहीं चलती पर पर्यटकों के अनुभव के लिए दार्जीलिंग से दिन में कई बार रोज़ एक टॉय ट्रेन चलती है। यह टॉय ट्रेन यात्रियों को बत्तस्या लूप से हिमालय दर्शन करवाती है और घूम रेलवे म्यूजियम पर भी रूकती है जो की रेलवे स्टेशन के साथ ही है।

5. हावड़ा रेलवे स्टेशन
हावड़ा का यह प्राचीन रेलवे स्टेशन भारत में सबसे पुराना है। यह रेलवे स्टेशन सं 1854 में बनवाया गया था। हुगली नदी के किनारे बनाया गया ये स्टेशन कोलकाता से हावड़ा पुल के माध्यम से जुड़ता है। पूरे भारत में इस रेलवे स्टेशन में सबसे ज्यादा रेलगाड़ी के डब्बो को रखने की क्षमता है। लोगों की आवाजाही के लिए यहाँ पर रोज़ 23 प्लेटफॉर्म्स पर गाड़ियां दिन रात चलती हैं।

6. कटक रेलवे स्टेशन
ओडिशा में कटक रेलवे स्टेशन अपनी तरह का पहला रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन बरबटी किले की नक़ल में बनाया गया है। बरबटी किले के बारे में जानना चाहें तो आपको बता दें की यह 14वी शताब्दी में पूर्वी गंगा साम्राज्य द्वारा कलिंग में बनाया गया था। तब से यह किला ओडिशा की शान है। कटक का यह रेलवे स्टेशन भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है।

7. तिरुवनंतपुरमन सेंट्रेल रेलवे स्टेशन
पूरे केरल का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है तिरुवनंतपुरमन सेंट्रेल। चाहे यह रेलवे स्टेशन हो पर इसकी भव्यता एयरपोर्ट से कम नहीं है। यह 1931 में यहाँ पर बनवाया गया था और तब से लगातार सरकार इसकी देखभाल कर रही है। यही कारण है की आज भी इस इमारत को केरल की सबसे सुन्दर इमारतों में माना जाता है।

8. कूनूर रेलवे स्टेशन
कूनूर रेलवे स्टेशन इस शहर को पूरे देश से जोड़ता है और यहाँ आने वाले यात्रियों को तमिल नाडु के नीलगिरि डिस्ट्रिक्ट के इस हिल स्टेशन में ले कर आता है। यह रेलवे स्टेशन नीलगिरि माउंटेन रेलवे का एक हिस्सा है जो की विश्व प्रसिद्ध है और एक हेरिटेज ट्रेन नेटवर्क माना जाता है। कई शहरों से ऊटी जाते हुए बीच में कूनूर एक महत्त्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पड़ता है।

9. चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन
चेन्नई रेलवे स्टेशन को दक्षिण भारत के द्वार के नाम से भी जाना जाता है और दक्षिण भारत में सफर कर रहे यात्रियों के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। चेन्नई का रेलवे स्टेशन 143 साल पुराना है। भारत में आपको इतने पुराने रेलवे स्टेशन ढूढ़ने से ही मिलेंगे। इस स्टेशन को हेनरी इरविन नाम के शक़्स ने बनवाया था। चाहे यह एक पुराना रेलवे स्टेशन ही क्यों न हो पर सालों से इस रेलवे स्टेशन की बराबर देख भाल होने के कारण यह आज भी नया -सा लगता है।

10. दूधसागर रेलवे स्टेशन
प्राकृतिक सुंदरता के लिए अगर भारत का कोई भी रेलवे स्टेशन जाना जाता है तो वो है दूधसागर। रेलवे स्टेशन की ठीक बाएं ओर दूधसागर झरना है। इस विशाल झरने के बीच से जाती हुई ट्रेनें इस जगह का नज़ारा ही बदल देती हैं। अगर आप यहाँ आने वाली ट्रेन में सफर कर रहे हों तो ये अनुभव कभी न भूलने वाला होगा। दूधसागर पहुंचने से पहले भी आपको ट्रेन की पटरियों के दोनों तरफ हरे भरे खेत खलियान मिलेंगे। ये नज़ारा अद्भुत है। दूधसागर आने का सबसे अच्छा समय है बरसात का मौसम जब आस पास सभी कुछ हरा-भरा होता है और ट्रेन से दृश्य भी बहुत बढ़िया दिखते हैं।

   
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