रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव, ट्रेन संचालन में सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किए गए उपाय

December 9, 2023, 1:13 PM
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रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि ट्रेन संचालन में सुरक्षा बढ़ाने और ट्रेन दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार द्वारा निम्नलिखित ट्रेन संचालन में सुरक्षा बढ़ाने और ट्रेन दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार किए गए हैं:

1.
राष्ट्रीय रेल संरक्षण कोष को महत्वपूर्ण सुरक्षा परिसंपत्तियों के प्रतिस्थापन/नवीकरण/उन्नयन के लिए सरकार राष्ट्रीय रेल संरक्षण कोष को पांच साल की अवधि के लिए रुपये 45,००० करोड़. किया गया है 
2.
मानवीय विफलता के कारण होने वाली दुर्घटना को खत्म करने के लिए 31 oct 2000 23 तक 64 98 स्टेशनों पर पॉइंट और सिग्नल के केंद्रीकृत संचालन के साथ इलेक्ट्रिकल/ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम प्रदान किए गए हैं।

3.
लेवल क्रॉसिंग गेटों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव, ट्रेन संचालन में सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किए गए उपाय तक 11 thousand 1 37 लेवल क्रॉसिंग गेटों पर लेवल क्रॉसिंग गेटों की इंटरलॉकिंग प्रदान की गई है।

4.
31 oct 2023 तक 65 48 स्टेशनों पर विद्युत साधनों द्वारा सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्टेशनों की पूर्ण ट्रैक सर्किटिंग प्रदान की गई है।

5.
सिग्नलिंग की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों जैसे अनिवार्य पत्राचार जांच, परिवर्तन कार्य प्रोटोकॉल, समापन ड्राइंग की तैयारी आदि पर विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

6.
प्रोटोकॉल के अनुसार एसएंडटी उपकरणों के लिए कनेक्शन काटने और दोबारा जोड़ने की प्रणाली पर जोर दिया गया है।

7.
लोको पायलटों की सतर्कता सुनिश्चित करने के लिए सभी लोकोमोटिव सतर्कता नियंत्रण उपकरणों (वीसीडी) से सुसज्जित हैं।

8.
मास्ट पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव सिग्मा बोर्ड लगाए गए हैं जो विद्युतीकृत क्षेत्रों में सिग्नल से दो ओएचई मास्ट पर स्थित होते हैं ताकि कोहरे के मौसम के कारण दृश्यता कम होने पर चालक दल को आगे के सिग्नल के बारे में चेतावनी दी जा सके।

9.
कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में लोको पायलटों को जीपीएस आधारित फॉग सेफ्टी डिवाइस (एफएसडी) प्रदान किया जाता है, जो लोको पायलटों को सिग्नल, लेवल क्रॉसिंग गेट आदि जैसे निकटवर्ती स्थलों की दूरी जानने में सक्षम बनाता है।

10.
आधुनिक ट्रैक संरचना में 60 kg 90 अल्टीमेट टेन्साइल स्ट्रेंथ यानि (यूटीएस) रेल, प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट स्लीपर यानि (पीएससी) इलास्टिक फास्टनिंग के साथ सामान्य/चौड़े बेस स्लीपर, पीएससी स्लीपर पर पंखे के आकार का लेआउट टर्नआउट, गर्डर पुलों पर स्टील चैनल/एच-बीम स्लीपर का उपयोग प्राथमिक ट्रैक नवीनीकरण करते समय किया जाता है।

11.
मानवीय त्रुटियों को कम करने के लिए पीक्यूआरएस, टीआरटी, टी- 28 आदि जैसी ट्रैक मशीनों के उपयोग के माध्यम से ट्रैक बिछाने की गतिविधि का मशीनीकरण किया गया है।

12.
रेल नवीनीकरण की प्रगति बढ़ाने और जोड़ों की वेल्डिंग से बचने के लिए 130 मीटर/260 मीटर लंबे रेल पैनलों की अधिकतम आपूर्ति किया जा रहा है जिससे सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

13.
लंबी पटरियाँ बिछाया जा रहा है ताकि, एलुमिनो थर्मिक वेल्डिंग का उपयोग कम किया जा सके।

14.
ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम और टीआरसी यानि (ट्रैक रिकॉर्डिंग कार) द्वारा ट्रैक ज्यामिति की निगरानी किया जा रहा है ।

15.
वेल्ड/रेल फ्रैक्चर पर नजर रखने के लिए रेलवे पटरियों की गश्त कराया जाता है।

16.
टर्नआउट नवीनीकरण कार्यों में थिक वेब स्विच और वेल्डेबल सीएमएस क्रॉसिंग का उपयोग किया जाता है ।

17.
सुरक्षित प्रथाओं के पालन के लिए कर्मचारियों की निगरानी और उन्हें शिक्षित करने के लिए नियमित अंतराल पर निरीक्षण किए जाते हैं।

18.
ट्रैक संपत्तियों की वेब आधारित ऑनलाइन निगरानी प्रणाली यानी तर्कसंगत रखरखाव आवश्यकता तय करने और इनपुट को अनुकूलित करने के लिए ट्रैक डेटाबेस और निर्णय समर्थन प्रणाली को अपनाया गया है।

19.
ट्रैक की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों जैसे एकीकृत ब्लॉक, कॉरिडोर ब्लॉक, कार्यस्थल सुरक्षा, मानसून सावधानियां आदि पर विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

20.
सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने और देश भर में रेल दुर्घटनाओं पर नज़र रखने के लिए रेलवे परिसंपत्तियों (कोच और वैगन) का निवारक रखरखाव किया जाता है।

21.
पारंपरिक आईसीएफ डिजाइन कोचों को एलएचबी डिजाइन कोचों से बदलने का काम किया जा रहा है।

22.
ब्रॉड गेज (बीजी) मार्ग पर सभी मानवरहित लेवल क्रॉसिंग को जनवरी 2019 तक समाप्त कर दिया गया है।

23.
पुलों के नियमित निरीक्षण के माध्यम से रेलवे पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। इन निरीक्षणों के दौरान मूल्यांकन की गई स्थितियों के आधार पर पुलों की मरम्मत/ पुनर्वास की आवश्यकता पर विचार किया जाता है।

24.
भारतीय रेलवे ने सभी कोचों में यात्रियों की व्यापक जानकारी के लिए वैधानिक “फायर नोटिस” प्रदर्शित किया है। प्रत्येक कोच में अग्नि पोस्टर उपलब्ध कराए गए हैं ताकि यात्रियों को आग से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे में सूचित और सचेत किया जा सके। इनमें कोई भी ज्वलनशील पदार्थ, विस्फोटक न ले जाना, कोच के अंदर धूम्रपान पर रोक, जुर्माना आदि से संबंधित संदेश शामिल हैं।

25.
उत्पादन इकाइयां नव निर्मित पावर कारों और पैंट्री कारों में आग का पता लगाने और दमन प्रणाली, नव निर्मित कोचों में आग और धुआं का पता लगाने की प्रणाली प्रदान कर रही हैं। ज़ोनल रेलवे द्वारा चरणबद्ध तरीके से मौजूदा कोचों में इसे प्रगतिशील रूप से फिट करने का काम भी चल रहा है।

26.
कर्मचारियों की नियमित परामर्श और प्रशिक्षण किया जाता है।

27.
दिनांक 31 oct 2023 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से भारतीय रेलवे (ओपन लाइन्स) के सामान्य नियमों में रोलिंग ब्लॉक की अवधारणा पेश की गई, जिसमें रोलिंग आधार पर 52 सप्ताह पहले रखरखाव/मरम्मत/प्रतिस्थापन के कार्य की योजना बनाई जाती है और योजना के अनुसार निष्पादित किया जाता है।

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