अपराधी अगर स्टेशन पर आया तो AI पहचानेगा चेहराऔर जारी होगा अलर्ट

July 7, 2022, 1:06 PM
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प्रमुख 756 रेलवे स्टेशनों पर वीडियो सर्विलेंस सिस्टम VSS की स्थापना करने का कार्य शुरू हो गया है। रेल मंत्रालय ने निर्भया फंड के तहत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर वीडियो निगरानी प्रणाली के कार्यों को मंजूरी दी थी जिस पर प्रभावी अमल अब शुरू हुआ है। इसके तहत अपराधियों को पकड़ने और सेफ्टी बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग होगा।
इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनेबल वीडियो एनालिटिक्स सॉफ्ट वेयर और फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर काम करता है इससे अपराधियों का स्टेशन परिसर में आने पर पता चल जायेगा उसका अलर्ट जारी करने में मदद मिलेगी।

इसका उद्देश्य सुरक्षा के साथ यात्रियों की सेफ्टी को भी मजबूत करना है। किसी तरह का हादसा होने जैसे ट्रैक पर यात्री के गिरने की सूचना मिलने पर बचाव तंत्र तुरंत सक्रिय हो जाए।
पहले चरण में शामिल 756 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यह कार्य जनवरी 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है शेष स्टेशनों का कार्य फेज 2 में किया जायेगा। रेल टेल को इस परियोजना का कार्य सौंपा गया है
रेलवे स्टेशनों पर इंटरनेट प्रोटोकॉल आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है जिसके अंतर्गत प्रतीक्षालय, आरक्षण काउंटर पार्किंग एरिया फुट ओवर ब्रिज बुकिंग कार्यालय को शामिल किया जाएगा।
कैमरों सर्वर यूपीएस और स्विचों की की मॉनिटरिंग के लिए नेटवर्क मैनेजमेंट सिस्टम की भी व्यवस्था रहेगी।
ये खास बात होगी
• इस प्रोजेक्ट में सबसे आधुनिक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा। • यह वीएसएस सिस्टम आईपी बेस्ड होगा तथा इसमें सीसीटीवी कैमरों का एक नेटवर्क होगा।
• सीसीटीवी कैमरे ऑप्टिकल फाइबर केबल पर काम करेंगे और सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फीडिंग न केवल स्थानीय आरपीएफ पोस्ट पर बल्कि मंडल और जोनल स्तर पर सेंट्रलाइज सीसीटीवी कंट्रोल रूम में भी प्रदर्शित की जाएगी। चार प्रकार के आईपी कैमरे डॉम टाइप , बुलेट टाइप , पैन टिल्ट जूम टाइप और अल्ट्रा एचडी -4 के स्थापित किए जाएंगे। इससे रेलवे परिसरों के भीतर अधिकतम कवरेज होगा। सीसीटीवी कैमरों से मिलने वाली वीडियो फीड की रिकॉर्डिंग 30 दिनों के लिए स्टोर की जा सकेगी।

   
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